बापू के नाम पत्र

श्री राजेश कुमार ठाकुर ‘अलबेला’ , प्रशिक्षित स्नातक हिन्दी अध्यापक

Mar 25, 2026 - 10:16
Mar 26, 2026 - 11:01
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बापू के नाम पत्र

बापू तेरे देश में इस बदले परिवेश में,
आदमी आदमी ना रहा हैवान हो गया,
खुद अपनी ही मौत का सामान हो गया,
कही चलती है लाठियां कही फूटते है बम,
सिसक रही है मानवता ग़म नहीं होता कम 
 क्योंकि 
कुंठित हुआ है आदमी इस दूषित समाज की देन,
गली गली में दाऊद फिरते शहरों में लादेन,
लेकिन जनता की करुण पुकार कोई नहीं सुनता,
नेता मंत्री संत्री सब है मस्त सबको प्यारी सत्ता,
सत्ता सुंदरी का लोभ कर देता है इनको अंधा,
चोरी डकैती लूट पाट बन गया है इनका धंधा,
 लेकिन
बापू तुम नाराज़ मत होना रामराज लाएंगे हम,
आंसू पोछेंगे दीनो के दुःख हम उनका बांटेंगे,
सत्य अहिंसा सेवा पथ पर चलकर खंडहरों में भी रामराज लाएंगे हम 
स्वर्ण विहीन भारत के युगपुरुष तुझको मेरा शत शत नमन ।
 तुझको मेरा शत शत नमन ।।
तुझको मेरा शत शत नमन ।।