उपकार और स्वभाव

ध्रुव झिकरे, 10 वीं अ

Mar 25, 2026 - 10:12
Mar 26, 2026 - 11:06
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उपकार और स्वभाव

एक बार एक बूढ़ा आदमी जंगल से गुजर रहा था। रास्ते में चलते-चलते वह देखता है कि एक हिरण और उसके साथ दो शेर आ रहे थे। वह व्यक्ति यह नजारा देखकर दंग रह गया। जैसे ही वे पास आए, उसने हिरण से पूछा कि यह कैसे संभव है? तब हिरण कहता है कि कई साल पहले शेर के दो बच्चे जंगल में ज़ख्मी (घायल) हालत में थे। मैंने उस वक्त उनकी मदद की थी और उस दिन से आज तक ये दोनों शेर मेरी रक्षा करते हैं। बूढ़ा व्यक्ति यह सुनकर बहुत प्रसन्न हुआ। सारी बात एक तोता पेड़ पर बैठे सुन रहा था। उसे भी लगा कि वह भी किसी की मदद करेगा तो उसे भी सुरक्षा मिलेगी और उसका मान-सम्मान होगा। तभी वह देखता है कि उसी पेड़ के नीचे एक सांप ज़ख्मी हालत में पड़ा है। तोते ने उसकी मदद की, लेकिन जैसे ही सांप ठीक हुआ, उसने बहुत जोर से तोते की चोंच पर डंक मार दिया और उसे ज़ख्मी करके भाग गया। तोता रोने लगा और उसने उस बूढ़े व्यक्ति से पूछा कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ? तब उस व्यक्ति ने उसे बताया, "मदद करनी है तो हमेशा शेर जैसे दिल वाले की करो, क्योंकि ज़हरीले स्वभाव वाले लोग अंत में ज़हर ही देते हैं।"
शिक्षा: "भलाई सोच-समझकर करनी चाहिए, क्योंकि उपकारी व्यक्ति सम्मान देता है, लेकिन दुष्ट व्यक्ति अपने स्वभाव के अनुसार नुकसान ही पहुँचाता है।"