बच्चों तुम अच्छे बन जाओं
कार्तिक म्हेत्रे, 6 वीं अ
बच्चों तुम अच्छे बन जाओं
- कार्तिक म्हेत्रे, 6 वीं अ
बच्चों तुम अच्छे बन जाओं ।
सत्य कर्म में ध्यान लगाओं।।
वृद्धजनों को करो प्रणाम।
भजो नित्यप्रति प्रभू का नाम।।
माता पिता का कहना मानों ।
देवतुल्य गुरुजन को जानों।।
सदाचार सेवा व्रत धारी।
बन जाओं तुम प्रेम पुजारी।।
प्रातः होतं निद्रा को त्यागो।
सूर्योदय से पहिले जागो।।
शोध क्रिया कुल्ला कर आओं।
स्वच्छ निर से मलकर नाव।।
श्वेत वसन पहनो पहनाओं।
मन मलीनता दूर भगाओं।।
शुद्ध दूध फल भोजन सादा।
अल्प आहार न खाओ ज्यादा।।
नियम समय विद्यालय जाओं।
ईश वंदना हिल मिल गाओं।।
नियत साफ है तो मंजिल आसान है।