पापा
रजनी मस्के 7 वीं ब
पापा
- रजनी मस्के 7 वीं ब
पापा मेरी जान हैं,
पापा मेरी धड़कन हैं,
सब लोग वहाँ भी बोलते हैं,
पापा का भी कभी नाम लो,
सब लोग माँ को पूछते हैं,
पापा को भी कभी पूछा करो।
गिर गए तो माँ बोलते हैं,
कभी पापा भी बोला करो,
माँ जन्म देती है,
पापा आगे बढ़ना सिखाते हैं,
माँ डाँटती है,
पापा समझाते हैं,
माँ घर का ज्ञान देती है,
पापा सारी दुनिया का ज्ञान देते हैं,
सबको माँ का ही प्यार दिखता है,
कभी पापा का भी देखा करो।
कोई दुःख हुआ तो पापा,
हिम्मत और हौसला देते हैं,
माँ के बिना दुनिया अधूरी है,
पापा के बिना हर पल अधूरा है।