बाप बेटी का रिश्ता

श्रावणी शिंगारे, 7 A

Mar 11, 2026 - 13:19
Mar 20, 2026 - 07:46
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बाप बेटी का रिश्ता

बाप बेटी का रिश्ता
- श्रावणी शिंगारे,  7 वीं अ


बाबा बेटी का रिश्ता है अनोखा,
थोडा-सा खट्टा थोडा-सा मिट्टा,
सीखाता है सब कुछ उसे,
क्योंकि बनाना होता है रोशनी जैसे,
चलना सीखाता है,
पढना सीखाता है,
सर ऊंचा रखकर जीना सीखाता है।

लगता है उसे, लोग उसकी बेटी को,
उसके नाम से न जाने,
बल्कि इस बेटी का बाप है वो,
 यह पहचाने,
बेटी बताती है सारी बात,
क्योंकि होता है पूरा विश्वास,
अगर है हम उदास
तो परेशान होता है बाप।

उठाता है जिम्मेदारी, परिवार की सारी। 
कर देता है जिंदगी,
सपना होता है, पढाना हमें,
क्योंकि बडा होकर नाम कमाये,
गलती से भी न करना,
उसका अपमान
क्योंकि पश्चाताना पडेगा,
बार-बार।
बोलते हैं बेटिया होती है पराई
लेकिन बुढापे में तो होती है बाप की लाठी,
जिसके पास होता हैं बाप,
 होता है बडा भाग्यवान। 
कोई नहीं तोड सकता है ये रिश्ता,
क्योंकि नहीं है इतनी
हिम्मत किसी में।
ममता की प्यारी माँ को, मत भुलाना। 
दया के सागर को, मत भुलाना। 
आपको प्यार से संभालना है उन्हें,
वरना वैसा ही मिलेगा तुम्हें।