भारत माँ का आँचल
समृद्धी पवार, 9 वीं अ
Mar 30, 2026 - 09:25
Mar 30, 2026 - 10:31
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भारत माँ का आँचल
- समृद्धी पवार, 9 वीं अ
भारत माँ का आँचल,
खून से लिपटा गया,
धरती माँ ने उन बच्चों को,
अपनी कोख में ले लिया।
विजयमाला की आशा में,
पुत्रों ने कर्तव्य निभाया,
पावन भूमि पर माथा टेक
खुद को भाग्यशाली मान लिया।
विभाजन की आग में जलते,
संविधान रूपी फुल बरसाया,
इस प्राचीन भारत को भी,
प्रगति का मार्ग दिखाया।
उस अंधकार में जलते भारत को,
रोशनी का दिया दिखाया,
किस तपती हुई भूमि को,
शिक्षा का प्रवाह दिखाया।