भटके हुए राही

सिद्धी उजगरे, 9 वीं अ

Mar 30, 2026 - 09:30
Mar 30, 2026 - 10:15
 3
भटके हुए राही

भटके हुए राही

- सिद्धी उजगरे, 9 वीं अ 

ए भटके हुए राही
मत भटक अपनी राह से
ऊँचे है सपने तेरे
पा ले उसे चाह से

ना समझ खुदको अकेला
धीरज बाँध रख हौसला
सफल करेगा कल तुझे
तेरा आज का हर एक फैसला

ये दुनिया हँसती रहेगी तुझपे
तू बस करते रह प्रयास
रख हौसला जीत का
और लगा दे सारी जी जान

करनी होगी मेहनत तुझे
पाने के लिए यह मुकाम
भड़क जाएगी चिंगारी सफलता की
और आग लगा देगी सरेआम!